Monday, 21 May 2018

कागज़ों तक तो नहीं सीमित है स्वच्छ भारत अभियान।

हमारे देश के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले महात्मा गांधी के सिद्धांतों को हर कोई अपने जीवन में उतारने की कोशिश करता है। गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत योजना का उद्घाटन किया।यह योजना गांधी के जन्मदिवस पर शुरू की गई।इस योजना के तहत 2019 तक भारत को स्वच्छ करने का लक्ष्य रखा है। देखा जाए तो योजना को पूरा होने में सिर्फ एक साल ही शेष रह गया है। बीते चार सालों में मोदी की यह स्वच्छ योजना पास हो पाई।
हाल ही में आई स्वच्छ सर्वेक्षण सर्वे  की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष की तरह इंदौर पहले स्थान पर रहा, भोपाल दूसरे स्थान पर रहा और चंडीगढ़ तीसरे स्थान पर। नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात में स्वच्छ भारत इंटर्नशिप की बात कही गई, जिसमें देश के युवा इंटर्नशिप में भाग लेकर लोगों में जागरूकता लाएँ। युवाओं द्वारा घर-घर जाकर जागरूक किया जाएगा, शौचालय बनाएँ जाएंगे, रैली निकाली जाएगी आदि। सिर्फ यही नहीं डब्ल्यू.एच.ओ की रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर में से माना गया। हमारे देश की राजधानी दिल्ली 40करोड़ का बजट मिलने के बाद भी सभी शहरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है। एेसे में अगर राजधानी दिल्ली की ये हालात है तो बाकी शहरों की क्या हालत होगी।

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